Aayan The Super Hero - Chapter 3
लेकिन उन्होंने कभी किसी को अयान जितना बेरहमी से लड़ते नहीं देखा था, जो एक ही मुक्के में किसी को सात-आठ मीटर दूर उड़ा सकता था। क्या यह किसी फिल्म का सीन था?
"आह्ह्ह्ह..."
इसी बीच, भाई बबलू ने दर्द से चीख मारी। इससे सभी को होश आया। वे तुरंत उसके पास पहुंचे और काँपती आवाज़ में बोले, "भाई, क्या आप ठीक हैं?"
कुछ साथियों के सहारे भाई बबलू खड़ा हुआ। उसने दूर खड़े अयान को देखा और उसकी आँखों में डर झलक उठा।
स्टेट यूथ मार्शल आर्ट टीम का मेन प्लेयर होने के नाते, वह दूसरों से बेहतर समझ सकता था कि अभी अयान का मुक्का कितना भयानक था!
थोड़ी देर के लिए, भाई बबलू को अचानक अपने कोच की बात याद आई। कोच हमेशा कहा करते थे कि इस दुनिया में ताकतवर लोगों की कोई कमी नहीं है। इंडिया में कई पुराने मार्शल आर्ट फैमिली हैं, जिनके शिष्यों की ताकत आम लोगों की इमैजिनेशन से कहीं ज्यादा होती है!
क्या अयान भी किसी ऐसे ही पौराणिक मार्शल आर्ट फैमिली का शिष्य है?!
यह सोचते ही, भाई बबलू ने अपनी टूटी हड्डी के दर्द को सहन किया। उसने जबरन मुस्कान बनाई और आदर से कहा, "अयान—अरे नहीं! भाई अयान, हमसे गलती हो गई। हमें समझ नहीं आया कि आप कौन हैं। प्लीज़ हमें माफ कर दीजिए!"
भाई बबलू का यह रूप देखकर, बाकी छोटे भाई भी जल्दी से सिर झुकाने लगे और अयान से माफी माँगने लगे।
"भागो!"अयान ने ठंडी आवाज़ में बस एक शब्द कहा।
भाई बबलू और उसके साथियों ने यह सुना और बिना पलटे वहाँ से भाग खड़े हुए, जैसे उन्हें जान बचाने का मौका मिल गया हो।
उन्हें क्या पता था कि अयान के चेहरे पर हैरानी इसलिए थी क्योंकि वह खुद अपने मुक्के की ताकत से हैरान था!
अयान ने कभी नहीं सोचा था कि महान आत्मा विदुरदेव
ने उसे अपनी पॉवर का बस दस लाखवां हिस्सा दिया था, और फिर भी उसमें इतनी ताकत आ गई थी!
अगर महान आत्मा विदुरदेव अपनी पूरी ताकत में लौट आए, तो क्या वह किसी पुराने देवता जैसा नहीं होगा, जो कुदरत को अपने इशारों पर नचा सके?
"हाहा... अयान! तुमने इस देवता को बहुत कम समझा!यह देवता नौ स्वर्ग और दस दिशाओं का सबसे ताकतवर योद्धा है! अगर मैं अपनी पूरी ताकत में लौट आया, तो मैं सूरज-चाँद को हाथ में पकड़ सकता हूँ और एक झटके में सितारों को गिरा सकता हूँ!"
"महान आत्मा विदुरदेव , अगर तुम सच में इतने ताकतवर थे, तो तुम हारे कैसे? और तुम्हारी आत्मा को ज़मीन पर भागने की नौबत क्यों आई?"
अयान ने तंज कसते हुए पूछा। महान आत्मा विदुरदेव
ने झेंपकर खाँसी की और बोला, "देखो, मुझे सबसे ताकतवर जादुई चीज़ें इकट्ठा करने का शौक था। लेकिन वो बड़े अमर लोग बहुत कंजूस थे! उन्होंने मुझे अपनी जादुई चीज़ें देखने तक नहीं दीं। तो मुझे खुद जाकर माँगनी पड़ी!"
"ओह! तो तुमने उन सारे अमर योद्धाओं को लूट लिया?"
"लूट कैसी? मैंने बस उधार लिया था! और कुछ लाख साल बाद मैं उन्हें लौटा देता!" महान आत्मा विदुरदेव
ने लापरवाही से कहा।
अयान ने यह सुनकर हल्की मुस्कान दी और मन ही मन सोचा—"मिस्टर विदुरदेव बहुत चालाक हैं!"
तभी अचानक, अयान को लगा जैसे उसका पूरा शरीर सुन्न हो गया हो। उसकी सारी ताकत जैसे खत्म हो गई और वह सीधा ज़मीन पर गिर पड़ा।
"महान आत्मा विदुरदेव यह क्या हो रहा है?" अयान ने चौंककर पूछा।
अयान, तुम्हारा शरीर बहुत कमजोर है! तुमने अभी मेरी पावर का सिर्फ दस लाखवाँ हिस्सा ही सहन किया था, और फिर भी यह तुम्हारे लिए बहुत भारी पड़ गया!"
"अगर तुम सच में अपनी ताकत बढ़ाना चाहते हो, तो पहले अपने शरीर को मजबूत करना होगा!"
"अब जाओ और हजार साल पुराना अमृत दूध
, अमृत संजीवनी और जीवन देने वाली फल को खोजो। फिर मैं खुद तुम्हारे लिए 'शरीर को मजबूत करने वाली दवा' तैयार करूँगा!"
"महान आत्मा विदुरदेव मैंने तुम्हारी कही हुई सारी बातें नहीं सुनी हैं। मैं इसे कहाँ पा सकता हूँ?" अयान ने हेल्पलेस होकर कहा।
"ओह, ठीक है! यह देवता भूल जाता है कि यह साधारण दुनिया है। मुझे डर है कि हज़ारों सालों से इनमें से कुछ ही खजाने बचे होंगे! इसलिए, तुम कुछ हज़ार साल पुराना अश्वगंधा और सौ साल पुराना रेशी मधुरिम ले आ सकते हो। इनका असर बहुत कम होगा और यह मुश्किल से ही तुम्हारे शरीर को मजबूत कर पाएगा!"
ठीक है, अब देवता अगली 'नींद' अवस्था में प्रवेश करेगा, लाइफ पावर इकट्ठा करेगा और तुम्हारे लिए कच्चे माल के इंतज़ार में रहेगा। जब तुम्हें सामान मिल जाए, तो मुझे जगाना!"
जैसे ही आवाज़ खत्म हुई, महान आत्मा विदुरदेव
की सांस पूरी तरह से अयान के माथे में समा गई।
अयान कितना भी चिल्लाया, कोई जवाब नहीं आया।
महान आत्मा विदुरदेव ने अभी जो कहा था, उसे याद करते हुए अयान के चेहरे पर एक कड़वी मुस्कान उभर आई।
हज़ार साल पुराना अश्वगंधा? सौ साल पुराना रेशी मशरूम ?
उसने ऐसे खजाने सिर्फ फिल्मों में देखे थे! इसके बारे में सोचते ही उसे समझ आ गया कि इनकी कीमत बहुत ज्यादा होगी। शायद सबसे सस्ता वाला भी लाखों में मिलेगा!
लेकिन उसका फैमिली तो पहले से ही मुसीबत में था। उसके पास तो सौ रुपए भी नहीं थे!
ऐसा लगता है कि अब सबसे ज़रूरी काम पैसा कमाना है! लेकिन वह तो सिर्फ एक साधारण हाई स्कूल का स्टूडेंट है। इतनी बड़ी रकम उसके पास कहाँ से आएगी?
पैसा कमाने के तरीके सोचते हुए, अयान स्कूल में क्लास की ओर चला गया।
थोड़ी ही देर में दोपहर का भोजन हो चुका था। जब अयान क्लास में पहुँचा, तो काव्या के चेहरे पर आश्चर्य झलक उठा। उसने अनायास ही कहा,
. अयान, तुम ठीक कैसे हो?"
"ओह?"अयान ने भौहें उठाईं। उसके होंठों पर हल्की मुस्कान आई और उसने मज़ाकिया लहजे में कहा,
"काव्या, क्या मुझे कुछ हो जाना चाहिए?"
. नहीं. काव्या ने जल्दी से सिर हिलाया, लेकिन उसी वक्त उसकी भौहें सिकुड़ गईं।
सुबह, अयान ने उसे "गंदे नाले का कीड़ा" कह दिया था, जिससे वह बहुत गुस्से में आ गई थी। इसलिए वह जानबूझकर विनय के पास गई और शिकायत कर दी कि अयान ने उसके साथ बदतमीज़ी की।
उसने अपनी आँखों से देखा था कि विनय ने स्कूल के सबसे बड़े गुंडे भाई बबलू को बुलाया था और उसे अयान को सबक सिखाने के लिए कहा था।
काव्या के हिसाब से, इस वक्त तक तो अयान को बुरी तरह पीटा जाना चाहिए था! लेकिन उसे देखकर लग ही नहीं रहा था कि उसे कोई चोट पहुँची है।
इससे भी अजीब बात ये थी कि आज अयान उसे कुछ अलग लग रहा था। सुबह के मुकाबले वह ज्यादा विश्वास से भरा हुआ और पहले से ज्यादा सुंदर और आकर्षक दिख रहा था।
काव्या ने अपना सिर झटका और खुद से कहा, "यह सिर्फ मेरा भ्रम है! कीड़ा आखिर कीड़ा ही रहेगा! सिर्फ एक सुबह में भले ही अयान थोड़ा बदल भी गया हो, लेकिन उसकी तुलना विनय से तो कभी नहीं हो सकती!"
इसी वक्त, एक लड़का जो बंदर की तरह तीखी नाक और छोटे मुँह वाला था, बाहर निकला। वह अयान को देखकर हँसा और बोला,
"हुह... अयान, सच बताऊँ, विनय ने तुम्हें पीटने के लिए भाई बबलू को पहले ही भेज दिया था! अगर तुम अब भी समझदारी दिखाओ और बहन काव्या के सामने सिर झुका कर माफी माँग लो, तो शायद तुम्हें एक मौका मिल जाए! नहीं तो पैर तोड़ देना तो छोटी बात होगी!"